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भारत में शरणार्थी समस्या : एक अकल्पित आघात
<p>विविधतापूर्ण संस्कृति वाला भारत एक ऐसा देश है जो अनेक प्रकार की समस्याओं का सामना करते हुए अपनी विभिन्न प्रकार की संस्कृतियों की रक्षा वर्षों से करता आ रहा है। कालक्रम के अनेक खण्डों में भारत की सं...
वैश्विक मरुस्थलीकरण व सूखा के विरूद्ध एक प्रयास
<p>विश्व दिवस, 17 जून 2017 समस्त विश्व के कुल क्षेत्रफल का पाँचवां भाग, 20 प्रतिशत मरुस्थली भूमि के रूप में पृथ्वी पर मौजूद है। जबकि सूखाग्रस्त भूमि कुल वैश्विक क्षेत्रफल का एक तिहाई है। संयुक्त राष्ट...
विश्व पर्यावरण दिवस – 2017
<p>‘‘मनुष्य और भूमि के बीच सौहार्द की एक स्थिति पर्यावरण संरक्षण है। भूमि के साथ सौहार्द एक दोस्त के साथ सौहार्द जैसा है’’-एल्डो लियोपोल्ड। ‘‘मैं प्रकृति, पशुओं, पक्षियों और पर्यावरण में ईश्वर को प्रा...
भारत में जल संसाधनों का भौगोलिक वितरण
<p>भारत अनेक नदियों तथा पर्वतों का देश है। इसका भौगोलिक क्षेत्र 329 मिलियन हेक्टेयर है जिसमें छोटी बड़ी अनेक नदियों का जाल फैला हुआ है। इन नदियों में से अनेक नदियां संसार की कुछ बड़ी नदियों में से एक है...
पर्यावरण की कितनी हितैषी है पवन ऊर्जा।
<p>प्रायः पवन ऊर्जा का गुणगान हरित ऊर्जा के रूप में किया जाता है। तथापि, पवन ऊर्जा फार्मों के इससे कही दूरगामी पर्यावर्णिक एवं समाजिक परिणाम हो सकते हैं। कच्छ (गुजरात) के नलिया नामक एक छोटे से कस्बे...
जापान में आये सेन्डाई के व्यापक भूकम्प से भारत को सीखना होगा
<p>जापान में 11 मार्च, 2011 को शुक्रवार के दिन इस क्षेत्र में अब तक का सबसे व्यापक भूकम्प आया था। शुरू में इसकी तीव्रता एम.डब्लयू 8.9 मापी गई थी, मगर बाद में इसे एम.डब्लयू 9.0 कर दिया गया। इस प्रकार स...
सौर ऊर्जा से प्राप्त विद्युत का भारतवर्ष में अक्षय उत्पादन
<p> सभी प्रकार की ऊर्जा का स्रोत सूर्य है। विश्व में अधिकतम मात्रा में पायी जाने वाली तथा कभी समाप्त नहीं होने वाली ऊर्जा सूर्य की ऊर्जा ही है। पृथ्वी तथा जीव मण्डलीय परिस्थितिकी तंत्र को तीन स्रोतों...
रचनात्मक जलवायु परियोजना का कार्यरूप और विशेषता
<p>एक दीर्घावधि की वेब डायरी रचनात्मक जलवायु परियोजना है, जो सूर्य रश्मियों से प्रकाशित है। इसके अंतर्गत एक नए दृष्टिकोण को अपनाया गया है, जिसका उद्देश्य परिवर्तन की गाथाओं के माध्यम से लोगों को जानका...
वायुमंडल में ग्रीन हाउस गैस उत्सर्जन व मौसम में परिवर्तन
<p>पृथ्वी की सतह के तापमान का क्रमिक रूप से बढ़ना वैश्विक उष्णता है जिसके बारे में माना जाता है कि यह ग्रीन हाउस गैसों के प्रभाव के कारण होता है और इससे वैश्विक प्रतिमानों पर मौसम में परिवर्तन होता है।...
