STAFF REPORTER
<p>पादपों की जड़ों द्वारा अवशोषित नाइट्रेट बड़े कार्बनिक अणुओं में शामिल हो जाते हैं जो कि जानवरों द्वारा खाए जाने पर उनमें अन्तरित हो जाते हैं। जिन पादपों का राइजोबियम के साथ पारस्परिक संबंध होता है, उनमें से कुछ नाइट्रोजन गांठों से प्राप्त अमोनियम आयनों के रूप में आत्मसात हो जाता है।</p>
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<p>Globalization is a progressing phenomenon marked by increasing interaction among people across the countries and between people and entities such as nation-states and corporations through the information and communication technologies (ICTs), international trade and culture and ideas. Globalization is propelled primarily by economic integration of the world economy.</p>
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<p>विभिन्न स्तरों पर भूजल की मात्रा व गुणवत्ता के संरक्षण की आवश्यकता है। इसके लिए भूजल के दोहन की सीमा, वर्तमान जलभरों को रिचार्ज करना, खारा जल प्रवेश, प्रदूषित सीवेज और औद्योगिक कचरों द्वारा हो रहे प्रदूषित जल को रोकने की आवश्यकता है।</p>
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<p>कवकधारी मछली के मांस में वैक्स और लिपिड की उच्च मात्रा पायी जाती है और इसलिए यह सीधे ही मानव उपयोग के लिए उपयुक्त नहीं होती। कवकधारी मछलियों के वाणिज्यिक पैमाने पर मत्स्ययन का उपक्रम करने से पहले हार्वेस्टिंग, पोस्ट हार्वेस्टिंग और उत्पादन विकास पर प्रौद्योगिकीय चुनौतियों को दूर किए जाने की जरूरत है।</p>
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<p>According to the Telecom Regulatory Authority of India (TRAI), the total number of telephone subscribers in the country amounted to 1.2 billion as of September 2017. This comprises of both the wireless and the wireline subscribers in the country.</p>
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<p>भारतीय महासागर की पहचान वायुमण्डलीय कार्बन डाईऑक्साइड के लिए एक नेट सिंक के रूप में की गई है। घुलनशीलता द्वारा यह प्रति वर्ष लगभग 330-430 टेट्राग्राम कार्बन उदग्रहित करता है जो कार्बन डाईऑक्साइड के वैश्विक महासागरीय उदग्रहण का लगभग 20 प्रतिशत है।</p>
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<p>आम की प्रजातियां फल लगने के 12-16 सप्ताह पश्चात परिपक्व होती हैं। किन्तु बागवानों द्वारा आम को परिपक्वता से 2-3 सप्ताह पूर्व तोड़े जाने से उन्हें फलों की बेहतर कीमत प्राप्त होती है।]</p>
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<p>व्यापक आयोजना प्रक्रिया को सहभागिता पूर्वक जल संसाधन सरोकारों की पहचान तथा समाधान सहित ऐसी योजनाओं के विकास एवं कार्यान्वयन की दिशा में कार्य करना चाहिए जो जल निकासी प्रणालियों के विभिन्न संयोजन स्तरों पर पर्यावरणिक, सामाजिक और आर्थिक रूप से धारणीय हों।</p>
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<p>भारतीय कृषि जिन चुनौतियों का मुकाबला कर रही है उनमें लगातार वृद्धि हो रही है। वैश्विक जलवायु परिवर्तन की वर्तमान बहस में, मौजूदा प्रौद्योगिकियों का इस्तेमाल करने वाली गहन कृषि की धारणीयता पर सवाल खड़े किए जा रहे हैं।</p>
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India is fast emerging as the largest market for low cost and poor quality solar photovoltaics (PV) modules— a compounding hazardous waste, especially threatening in the absence of adequate quality control.
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